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लखीसराय में थानाध्यक्ष समेत तीन दारोगा को SP ने थाने से हटाया, केस में लापरवाही करने पर गिरी गाज

*Bihar: लखीसराय में थानाध्यक्ष समेत तीन दारोगा को SP ने थाने से हटाया, केस में लापरवाही करने पर गिरी गाज*

 

 

बिहार: लखीसराय में पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है. शनिवार देर शाम रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष सहित तीन एसआई पर अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें रामगढ़ चौक थाना से पुलिस लाइन भेज दिया है

रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष समेत तीन पर गिरी गाज…

इस संबंध में एसपी ने बताया कि रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, एसआई रविंद्र सिंह तथा एसआई जंग बहादुर राय पर अपने कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गयी है. तीनों से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है. साथ ही तीनों को पुलिस केंद्र वापस भेज दिया गया है. वहीं रामगढ़ चौक में पदस्थापित एसआई उपेंद्र कुमार पाठक को तत्काल थाना का प्रभार दिया गया है

पुलिस अधीक्षक ने बताया…

 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विगत 27 अप्रैल को थाना क्षेत्र के नंदनामा तांतवा टोली निवासी वादिनी उमा देवी पति बालेश्वर राम के द्वारा 26 अप्रैल को घटना होने के बाद रामगढ़ चौक जाकर अपने साथ घटित घटना के संबंध में आवेदन दिया गया था, परंतु रामगढ़ चौक प्रभारी द्वारा केस दर्ज नहीं किया गया. उसके आठ दिन बाद पांच मई को केस दर्ज किया गया

रामगढ़ चौक थाना प्रभारी की लापरवाही…

 

एएसपी लखीसराय के द्वारा थाना कांड संख्या 130/22 के प्राथमिकी अवलोकन किया गया तो पाया गया कि प्राथमिकी में संलग्न वादिनी उमा देवी का आवेदन 27 अप्रैल की ही तिथि में दी गयी थी. जबकि प्राथमिकी पांच मई को दर्ज की गयी, जिसके अवलोकन से स्पष्टत: थाना प्रभारी रामगढ़ चौक की लापरवाही परिलक्षित होती है.

 

पकड़ी गयी ये लापरवाही…

 

वहीं अवलोकन के दौरान पाया गया कि अनुसंधानकर्ता द्वारा वादिनी के आवेदन में अंकित मोबाइल नंबर का सीडीआर एवं टावर लोकेशन प्राप्त किया गया, जो महाराष्ट्र में पाया गया. इस संबंध में वादिनी से पूछा गया तो बताया कि उनके प्राथमिकी दर्ज करने हेतु दिये गये आवेदन में वे अपने पुत्र सुधीर राम का मोबाइल नंबर दी थी जो महाराष्ट्र में ही पोस्टल डिपार्टमेंट में कार्यरत है. जिससे यह जानकारी मिली कि बिना वादिनी से पूछे बगैर उनके आवेदन में अंकित मोबाइल नंबर को ही वादिनी का मोबाइल नंबर मानकर उसका सीडीआर एवं टावर लोकेशन प्राप्त कर घटना को असत्य करा दे दिया गया. जबकि अनुसंधानकर्ता को वादिनी से संपर्क करना चाहिए था.

 

जिसके बाद थाना प्रभारी अरविंद कुमार को विलंब से प्राथमिकी दर्ज करने में बरती गयी लापरवाही, थाना कांड संख्या 247/21 के

अनुसंधानकर्ता एसआई रविंद्र सिंह को अभियुक्तों के विरूद्ध आरोप पत्र समर्पित नहीं करने को लेकर बरती गयी लापरवाही एवं थाना कांड संख्या 130/22 के अनुसंधानकर्ता एसआई जंग बहादुर राय को वादिनी से उनका मोबाइल नंबर पूछे बगैर आवेदन पर अंकित मोबाइल नंबर को ही वादिनी का नंबर मानकर सीडीआर निकालने तथा उसी आधार पर घटना को असत्य करार देने में बरती गयी लापरवाही के लिए तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है.तथा तीनों को पुलिस केंद्र वापस भेज दिया गया है. पूछा गया है कि क्यों न उन सभी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाय

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