हे लोकनायक के शिष्यों में से एक नीतीश जी !भारत की जनता आपकी ओर निहार रही है।आओ और इस आमूल परिवर्तन की लड़ाई का नेतृत्व पुन: बिहार से करो।माता पुकार रही है।

बिहार की नहीं भारत की अधिकांश जनता सोच रही है
कि बिना निजी बहुमत के जो आदमी लगातार 8 वार एक सबे का मुख्य मंत्री रहा,
लगातार 18 वर्षों से विकास पुरुष बन सुशासन बाबू बना।उस आदमी के व्यक्तित्व मे छिपे अदम्य उत्साह अदभुत इक्षा शक्ति जरुर व्याप्त है जिसके बलपर यह आदमी टिका हुआ है। लोकनायक के सम्पूर्ण क्रांति की उपज 77 में जनता पार्टी की सरकार बनी।आजादी के बाद गाँधी चले गए। जनता पार्टी को सरकार मे आने के बाद जे पी भी चल बसे।आपस मे फ़िर वही हुआ, परती टूटती चली गई।तब अटल जी की सरकार बनी।राष्ट्रीय भावना को लेकर सरकार चली उस गठ बन्धन में नीतीश जी भी रहे।मुख्य मंत्री बने।बाजपेयी जी के बाद जो आए वह लिक से हटकर
गठ बन्धन धर्म को निभा न सके । जब नीतीश जी को लगा कि उनका और उनके दल का अस्तित्व खतरे मे है तो वे अलग हो गये। आज देश का भाईचारा खतरे मे है।
मह्गाई, वेरोजगरी, कानुन व्यबस्था की चिन्ता के बदले
भारत विजय का नसा सबार है। हिन्दू , मुस्लिम , सिख्क
इसाई, आपस मे है भाई एक
चार नहीं का नारा समाप्ती की ओर है देश भीतर से जर्जर हो गया है ।आदनी जैसे लोगो की प्रतिष्ठा बढी है और अन्तिम पाव दन के लोगो का कोई सम्मान नही रह गया है
ऐसे में कोई तो आगे आवे।
कोई तो गाँधी जे पी बने।
आज सब की निगाहे जे पी के शिष्यो में से एक नीतीश जी की ओर लगी है जिन्हीने घोषणा कर दी है कि अब इन्हे कोई इक्षा नही रह गई हैन कोई पद की लालसा।जो
प्रतिष्ठा, मान- सम्मान उन्हे इन 18 वर्षों मे मिला है उसके सामने प्रधान मंत्री और राष्ट्र पति का पद कुछ भी नहीं । अब इन्हे गाँधी ,जे पी ‘सुभाष बन देश की अस्मिता को बचानी है ।देश अखंड रहेगा तभी दल रहेगा और तभी नेता का वजुद बचेगा।
हे! नीतीश जी आप अपने संकल्प की पूर्ति में अग्रसर हो। देश का युवा आपके साथ हैं जब- जब देश मे परिवार्त्तं हुआ है बिहार बढ चढ़ कर हिस्सा लिया है नेतृत्व किया है आज फ़िर समय आगया है जब आप आज का कृष्ण बन विजय रथ को आगे बढायेगे तो आपका पांडव रुपी युधिष्ठिर ‘राजीव रन्जन सिंह उर्फ ललन सिंह,भीम बने उपेन्द्र सिंह कुशवाहा जी,अर्जुन बने उमेश सिंह कुशवाहा जी नकुल ‘सहदेव के रुप मे रणवीर नंदन और राजीव रन्जन आपके साथ रहेंगे।इसके अलावे सात दलो का सकारत्मक सहयोग आपके सथ रहेगा।लालू जी का प्यारा तेजश्वी जेसा अभिमन्यु भी तो आपके साथ है ।इस प्रकार बिहार ही नही आप देश के अस्मिता को बचाने की लड़ाई जीतने का अद्भुत मौका मिलने के लिये जनता दल यू के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ट के प्रदेश महा सचिव रवींद्र कुमार रतन नेअपने सर्व प्रिय नेता श्री नीतीश कुमार को अपनी बधाई औरशुभकामनायें दी है ।उन्होने आशा व्यक्त किया है कि अल्प बहुमत के कारण सरकार चलने में जो कठिनाई
आ रही थी अब दुर हो गया।अब लग्भग दो तिहाई बहुमत ‘करीब 160 से अधिक विधायको का सपोर्ट है ।अब विकास कार्य करने, वेरोजगारी और मह्गाई दुर करने का कार्य आसान हो गया ।अब बिहार उतरोत्तर विकास की और दौड़ेगा । आभी थोड़ा ही, बोलिये आगे ,देखीये होता है क्या।पुन: वैशाली की और से बधाई और शुभ कामनाएँ ।
आप सभी सुनते है कि वे
राष्ट्रीय स्तर पर विरोधियों को एक करने में लगे हैं।एक समय था कि कान्ग्रेस से ऊब कर लोकनायक के नेतृत्व में सभी विपक्षी एक मंच पर आ कर जनता पार्टी की सरकार
बनाई थी।आज वही परिस्थिती आ गई है जे पी के शिष्यों मे से एक कह रहे हैं
हमारी कोई इक्षा नही है बस हम चाहते है कि देश का विकास हो,देश रहेगा तभी दल रहेगा। भारत की अखंडता को कायम रखना है,
आपसी प्यार और भाईचारा को कायम रखना है तो केन्द्र
में विपक्षी को सरकार में लाना है इसकेलिए जाति,धर्म, समस्त भेद भाव को भुलाकर
एकता के सूत्र में बध कर 24 में विपक्ष की सरकार बननी है।चुनाव से पहले प्रधान मंत्री
पद को लेकर कोई लड़ाई नही।77 की तरह विजय प्राप्त कर आओ और बहुमत से या एक मत से प्रधान मंत्री बनाओ।और लोहिया,कर्पूरी के सपनो के साथ गाँधी,जेपी और सुभाष सा सम्मान देकर नीतीश जी के हाथ कोमजवुत करे।
देश मे अमन चैन की वंशी बजानी है तोआज का लोकनायक उभर कर आए हैं
उनके आह्वान को सुनिये और अमल कीजिये।जाति , धर्म और क्षेत्रीयेता से उपर उठ कर एक मंच पर आईये।