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राम मंदिर की प्रतिमा कितनी ऊंची होगी आइये पढ़ते है RAM MANDIR PHOTO

चंपत राय कहा कि तीन मूर्तिकारों ने तीन अलग-अलग मूर्तियां बनाई हैं। उसमें से एक मूर्ति को स्वीकार कर लिया गया है RAM MANDIR PHOTO

मूर्तिकारों ने(RAM MANDIR PHOTO) तीन अलग-अलग भगवान राम की प्रतिमा बनाई हैं। उसमें से एक मूर्ति को मान्य लिया गया है। तीनों मूर्तियां हमारे पास रहेंगी, सबका सम्मान होगा। पैर से लेकर ललाट तक भगवान राम की मूर्ति की कुल ऊंचाई 51 इंच होगी।
खुलासे के साथ रामलला की अचल मूर्ति को लेकर चल रही खबरों पर मुहर लग गई। शुक्रवार को पूरा मार्केट में आयोजित एक प्रौग्राम में पहुंचे रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि रामलला की अचल मूर्ति श्यामल रंग की होगी। उन्होंने प्रौग्राम में रामलला की अचल मूर्ति की खूबी भी लोगों को बताईं।RAM MANDIR PHOTO

चंपत राय कहा कि तीन मूर्तिकारों ने तीन अलग-अलग मूर्तियां बनाई हैं। उसमें से एक मूर्ति को स्वीकार कर लिया गया है। तीनों मूर्तियां हमारे पास रहेंगी, सबका सम्मान होगा। पैर की अंगुली से लेकर ललाट तक रामलला की मूर्ति की कुल ऊंचाई 51 इंच होगी। इसके ऊपर मुकुट व प्रभाव होगा। प्राण प्रतिष्ठा का समारोह 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। 18 जनवरी की दोपहर में अपने आसन पर अचल मूर्ति को विराजित कर दिया जाएगा। यह अचल मूर्ति लगभग १/२ टन की और श्यामल पत्थर की है।
प्रयागराज के संगम का जल 108 कलशों में अयोध्या पहुंचा
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुक्रवार को प्रयागराज के संगम का जल अयोध्या पहुंचा है। विश्व हिंदू परिषद की ओर से यह जल अयोध्या लाया गया है। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने 108 कलशों में भरे जल को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय को सौंपा है। ऐसा बताया जा रहा है की वेदमंत्रों से अभिमंत्रित किए जाने के बाद संगम के जल से भरे 108 कलश अयोध्या आए हैं। इस जल का प्रयोग रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के धर्मविधि में किया जाएगा।RAM MANDIR PHOTO

नवनिर्मित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अयोध्या के विरासत को सहेजने की झलक मिलती है। मंदिर का गुंबद, रामायण के प्रसंगों के चित्र और श्री राम के धनुष बाण के प्रतीक यहां दिखते हैं। पीएम मोदी की अगवानी में टर्मिनल बिल्डिंग में पहुंचे लोग यहां का दृश्य देख अपने को वाह बोलने से नहीं रोक सके।

एयरपोर्ट मंदिर मॉडल पर बना है। अंदर-बाहर अयोध्या की विरासत के दर्शन होते हैं। डिजाइन राज्य संस्कृति और विरासत को चित्रित करने वाली दिखती है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि हवाई अड्डे का डिजाइन, यात्रियों को प्रदेश और अयोध्या की संस्कृति से परिचित कराने वाला है।

जानकारों का कहना है कि एयरपोर्ट मंदिर वास्तु कला की नागर शैली में दिखता है। राम मंदिर के स्थापत्य शैली को भी अपनाया गया है। टर्मिनल बिलिंडग के भित्ति चित्रों, कलाकृतियों में रामायण के प्रसंग आकर्षित करते हैं। शिखर पर मंदिर का गुंबद है। पीएम मोदी की अगवानी में पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह कहते हैं कि हवाई अड्डे में प्रथम दृष्टया अयोध्या की आध्यात्मिक, धार्मिक व ऐतिहासिकता दिखती है। प्रवेश द्वार के पास ही भगवान श्री राम के चित्र हैं। बाहर से धनुष और बाण भी दिखता है। राघवेंद्र नरायन पांडेय बताते हैं कि 50 हजार वर्ग फुट की इमारत सात खंभों पर टिकी है। पूछने पर वहां बताया गया कि यह रामायण के साथ कांडों का प्रतीक हैं। ऐसी कई अन्य विशेषताएं भी बताई गई।

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